तुमसे कहना चाहूँ बस एक बात सखी


मैं तुमसे कहना चाहूँ बस
एक बात सखी
प्रभु जो मुझसे बेहद प्रेम करता है
वही ईश्वर तुम्हे भी बहुत चाहता है
मुझे उसका प्रेम ही चैन से
एक जगह स्थिर होने नहीं देता
और तुम्हे उसका प्रेम ही
अन्य -अन्य कारणों से
बेचैन कर जाता है
मुझसे बेहतर यह कौन
जानता है प्रिय सखी
वह तुम्हे अब भी निहार रहा
और मेरी- तुम्हारी बात सुन रहा
तुम पर आशावादी बन कर
तुम्हे दिल में बिठाना चाहता है
तुम्हे हो अपनाना चाहता है ||

जिस ईश्वर को तुमने ढूँढा बहुत
आज आया वो स्वयं निकट
बस तुम भी एक पग बढ़ाओ
अनुभव करो उसको सन्निकट
उसकी पनाहों में प्रेम अपार
विशवास करो मेरा सखी
तुम्हारा संग सदा निभाएगा करो यकीं
ज्यों मेरा बार बार निभाया है
वैसे ही तुम पर भी प्रेम लुटायेगा
मैं तुमसे कहना चाहूँ बस
यही एक बात सखी
प्रभु जो मुझसे बेहद प्रेम करता है
वही ईश्वर तुम्हे भी बहुत चाहता है ||

तुमने उन्हें उनके स्वरुप में
कभी नहीं याद किया
उनको , उनके निवास
पर भी नहीं तलाशा था
अलग -अलग मंदिर, गिरजाघर
कब मस्जिद , गुरूद्वारे में,
कब वह तीर्थों में विराजा था
पर तुमने बस ढूँढा उसी और
तभी न मिली पहचान की कोई डोर
वह दीनदयाला लेकिन सखी
तुम्हारी अन्तः तड़पन को भी जाने
उसी ने मुझे भेजा तुम्हारे पास
की तुम्हे उसके आने की खबर सुनाऊँ
बस इसीलिए तुम्हारे पास आई
मैं तुमसे कहना चाहूँ बस
यही एक बात सखी
प्रभु जो मुझसे बेहद प्रेम करता है
वही ईश्वर तुम्हे भी बहुत चाहता है ||

मैं तुम्हारे मुख पर हर्ष चिन्ह
भली-भाँति देख सकती हूँ
मेरे वर्णनोपरांत तुम्हारे मन में
ईश्वर प्रति अमिट प्रेम देख सकती हूँ
तो फिर देर क्षण एक नहीं करना
उनको उनके सत्य स्वरुप में जानकर
उनको अपना सर्वस्व मान कर
अपने ह्रदय में बसा लेना
उनके ही निष्काम प्रेम में, प्रेम की
तुम भी विश्व के लिए साक्षी हो जाना
मैं तुमसे कहना चाहूँ बस
यही एक बात सखी
प्रभु जो मुझसे बेहद प्रेम करता है
वही ईश्वर तुम्हे भी बहुत चाहता है ||


साभार 🙏🙏
श्वेता योगेश शर्मा (BK SHWETA)

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