सच्चा मित्र

सच्चा मित्र
कैसे खींचूं उसका चित्र
हर किसी खास 'अपने' को
मित्रता की कसौटी पर कसा
और पाया बड़ा विचित्र
नहीं ! कोई मेरा सच्चा मित्र
चिंतित हूं कैसा होता उसका चरित्र ?

सच्चे मित्र के चरित्र पर चिंतन किया
सगे-सम्बन्धी ,हम-उम्रों को भी शामिल किया
चरित्र के मापदंड पर कोई न भाया
जैसी उम्मीद लगाईं ; स्वयं को मित्र जर्जर पाया
बड़ा अचम्भा सोचकर यह कैसी सच्चाई
बिना मित्र जीवन भी एक कथित बुराई

मन के गहरे जाकर , चिंतन में गोता मारा
ढूंढ निकलूं एक किसी को जो हो मित्र प्यारा
बैठ एकांत में मौन हो मैं सोचने लगी
सामने प्रभु की तस्वीर पर नज़र ठिठक गयी
प्रभु का स्नेह , सहयोग और प्रेम याद आया
वही एक सच्चा मित्र मुझे बरबस ध्यान आया

एक प्रभु ही सारी मुश्किलें विरल करते हैं
सर्व सम्बन्धों से स्नेह देकर सरस करते हैं
सच्चा मित्र बन तकलीफ़ में सहारा होते हैं
मेरा राज़ को राज़ रख मुझे सम्बल देते हैं
जीवन के अंत तक इस मित्रता का बल मिलता है
प्रभु के साथ से सच्चा सुख सरल मिलता है II

साभार 🙏🙏

श्वेता योगेश शर्मा (BK SHWETA)

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